नेपाली वर्ष बैशाखमा किन सुरु हुन्छ
मेष सङ्क्रान्ति — सूर्य मेष राशिमा प्रवेश गर्ने क्षणले सौर वर्षको आरम्भ तय गर्छ, कुनै मनपरी मिति होइन।
वर्ष मेष सङ्क्रान्तिबाट सुरु हुन्छ
मेष संक्रान्तिपरम्परागत सौर वर्ष सूर्य मेष राशिमा प्रवेश गर्दा सुरु हुन्छ। त्यो क्षणलाई मेष सङ्क्रान्ति भनिन्छ, र त्यहीँबाट सुरु हुने सौर महिना बैशाख हो।
अवधारणात्मक रूपमा: सूर्यले राशिचक्रको पूरो फेरो लगाउँछ → फेरि मेषमा फर्किन्छ → नयाँ सौर वर्ष सुरु हुन्छ।
त्यसैले वर्षको आरम्भ कुनै मनपरी छानिएको मिति होइन — यो सूर्यको खगोलीय स्थितिसँग बाँधिएको छ।
मेष पहिलो राशि किन?
0° of the zodiacराशिचक्रलाई परम्परागत रूपमा ३०° का बाह्र बराबर खण्डमा बाँडिन्छ, र गणना मेषबाट सुरु हुन्छ।
0° 30° 60° 90° 360° │─────────│─────────│─────────│ · · · · · ─────│ Mesha Vrishabha Mithuna Karka ... Meena Aries Taurus Gemini Cancer Pisces ▲ └── सूर्य यहाँ पुग्दा सौर वर्षको सन्दर्भ बिन्दु पूरा होस् / solar year resets here
सूर्य मेषको आरम्भमा पुग्दा राशि–चक्र आफ्नो सन्दर्भ बिन्दुमा फर्किसकेको हुन्छ।
यसले सौर पात्रोलाई एक प्राकृतिक खगोलीय सीमा दिन्छ — वर्ष कहाँ टुङ्गियो र कहाँ सुरु भयो भन्ने प्रश्नको उत्तर आकाशले दिन्छ, परम्पराले मात्र होइन।
| # | राशि | English | ° | स्वामी | तत्त्व |
|---|---|---|---|---|---|
| १ | मेष | Aries | ०°–३०° | मङ्गल | अग्नि |
| २ | वृष | Taurus | ३०°–६०° | शुक्र | पृथ्वी |
| ३ | मिथुन | Gemini | ६०°–९०° | बुध | वायु |
| ४ | कर्कट | Cancer | ९०°–१२०° | चन्द्र | जल |
| ५ | सिंह | Leo | १२०°–१५०° | सूर्य | अग्नि |
| ६ | कन्या | Virgo | १५०°–१८०° | बुध | पृथ्वी |
| ७ | तुला | Libra | १८०°–२१०° | शुक्र | वायु |
| ८ | वृश्चिक | Scorpio | २१०°–२४०° | मङ्गल | जल |
| ९ | धनु | Sagittarius | २४०°–२७०° | गुरु | अग्नि |
| १० | मकर | Capricorn | २७०°–३००° | शनि | पृथ्वी |
| ११ | कुम्भ | Aquarius | ३००°–३३०° | शनि | वायु |
| १२ | मीन | Pisces | ३३०°–३६०° | गुरु | जल |
अप्रिल मध्यतिर किन पर्छ
Sidereal referenceनयाँ वर्ष सामान्यतया १३–१५ अप्रिलतिर पर्छ। यसको कारण नेपाली पात्रोले निरयन (ताराको सन्दर्भ) राशिचक्र प्रयोग गर्नु हो, ग्रेगोरियनले प्रयोग गर्ने सायन (विषुवको सन्दर्भ) राशिचक्र होइन।
सायन प्रणालीमा मेषको आरम्भ वसन्त विषुव (२१ मार्च) मा पर्छ। निरयन प्रणालीमा त्यही बिन्दु अयनांश~ (अहिले करिब २४°) ले पछाडि सरेको हुन्छ — र २४° सूर्यले पार गर्न झन्डै २४ दिन लाग्छ। त्यसैले नयाँ वर्ष मार्चको अन्त्यमा नभई अप्रिल मध्यमा पर्छ।
अर्थात् बैशाख १ गते ऋतुसँग होइन, ताराको सन्दर्भमा सूर्यको स्थितिसँग बाँधिएको छ। ऋतु किन बिस्तारै सर्दै जान्छ भन्ने कुरा ऋतु किन सर्छ लेखमा छ।